Saturday, 9 March 2019

मेरी बातें तुम से....

मेरी बातें तुम से
तुम मेरी बातों में
सपने तुम से
तुम मेरे सपनो में
तुम मुझसे में तुम से
जुड़े है जन्मो जन्मो से
लाख सही फासलो में हम तुम
लाख सही उलझन रिश्ताें में
लाख करे फिर बाते अपनी
मिलकर बिखरकर है हम एक ही
नजरों से है दूर यदि पर
सपने बाकी अब भी खाली
खाली घर में, में कितना खाली
तुम कितने में कितना खाली

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