कविता :-अहसास
ये अहसास हो जाता है
ना चाहते हुए भी अक्सर
किसी से प्यार हो जाता है
फिर हर लम्हा खुबसुरत, हर पल खुशगवार हो जाता है
दिल तो पागल होता है
हर एक तिनका संजों के रखता है
पर वक्त की आंधी और किस्मत का तूफान
साहिल से पहले ही
सब कुछ बहा ले जाता है
और पहला प्यार अकसर
अधखिले फुल की तरह
हमेशा अधुरा रह जाता है....
ये अहसास हो जाता है
ना चाहते हुए भी अक्सर
किसी से प्यार हो जाता है
फिर हर लम्हा खुबसुरत, हर पल खुशगवार हो जाता है
दिल तो पागल होता है
हर एक तिनका संजों के रखता है
पर वक्त की आंधी और किस्मत का तूफान
साहिल से पहले ही
सब कुछ बहा ले जाता है
और पहला प्यार अकसर
अधखिले फुल की तरह
हमेशा अधुरा रह जाता है....
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