आज मिला सड़क पे
मुझे देख मुस्करा रहा था
दोस्त था ये वो ही
एक दूरी से मुझे सराह रहा था
नाम कितना चंचल है
ख्याल कितने अच्छे है
कल साथ साथ चला करता था
आज मुस्कराता भी थोड़ा दूर है
उसमें मुझमें थोड़ा अन्तर है
उसमें नफरत मुस्करा कर
मुझमें छिपी कुछ गम्भीर है
वो कल क्या करेगा
मालूम नहीं
आज थोड़ा
वो भी गम्भीर है
निशाना.....!
उसके खंजर का
कश्मीर नही
ये दिल है
वो पूछ रहा है
हर दिन मुझसे
जो हो ख्वाहिश मांग ले
मौत मेरी
कल निश्चित है
वक्त छोड़
कुछ और मांग ले
फिक्र मेरी
न करना
कल
कल......?
एेसा नही आयेगा
कविता मेरी
दोस्त कहीं
उसी से सड़क पे दोबारा
मुस्करा कर
सराहने
दूर नहीं
नजदीक मेरे
वो खामोश आयेगा.......
मुझे देख मुस्करा रहा था
दोस्त था ये वो ही
एक दूरी से मुझे सराह रहा था
नाम कितना चंचल है
ख्याल कितने अच्छे है
कल साथ साथ चला करता था
आज मुस्कराता भी थोड़ा दूर है
उसमें मुझमें थोड़ा अन्तर है
उसमें नफरत मुस्करा कर
मुझमें छिपी कुछ गम्भीर है
वो कल क्या करेगा
मालूम नहीं
आज थोड़ा
वो भी गम्भीर है
निशाना.....!
उसके खंजर का
कश्मीर नही
ये दिल है
वो पूछ रहा है
हर दिन मुझसे
जो हो ख्वाहिश मांग ले
मौत मेरी
कल निश्चित है
वक्त छोड़
कुछ और मांग ले
फिक्र मेरी
न करना
कल
कल......?
एेसा नही आयेगा
कविता मेरी
दोस्त कहीं
उसी से सड़क पे दोबारा
मुस्करा कर
सराहने
दूर नहीं
नजदीक मेरे
वो खामोश आयेगा.......
No comments:
Post a Comment