Friday, 22 February 2019

यूं ही प्यार में कुछ...

जब भी ज़िन्दगी को जान ने निकला तो पाया हमारी सोच से कई अधिक लोग बस भाग रहे है पता नहीं ऐसा क्या है जो छूट गया है और ऐसा क्या है जो हम पकड़ ने निकले है मेरा मान ना है ज़िन्दगी में कुछ ना कुछ तो छुटेगा ही चाहे कितना ही कुछ सोचकर चल लो. खुद में ज़िन्दगी में बहुत कुछ छोड़ कर आगे बढ़ा हूं जानता भी हूं रूक जाने से कुछ नहीं रूकता...
प्यार सब को होता है कभी न कभी, किसी को पहले किसी को देर से कोई सब से छुपा कर रखता है कोई सब को बताकर कर. सच प्यार जब होता है तो फिर सब कुछ अच्छा सा लगने लगता है प्यार जो बदलाव लाता है ज़िन्दगी में बस वहीं से में मानता हूं ज़िन्दगी तब ही शुरू होती है आज तक हम जैसे भी जी रहे थे ये बस हम को पसन्द था हम को पता था हम क्या है और किस के लिए है फिर आज से या ये कहो अभी से जब हम प्यार में पड़ते है तब से सब कुछ बदलने लगता है |
एक प्यार ही है जो हम सब को जोड़ने के लिए बना है और इसके सिवा है क्या जिस से हम जुड़े. 

No comments:

Post a Comment

ठहरी सी जिंदगी में

सिर्फ कागजों सी कोरी मेरी जिंदगी में हो तुम मेरे गम से और इस दिल से निकल गये हो तुम खाली सा है हर कोना क्यों बिखर गए हैं हम तुम मिलकर...