कभी दुख न करना
अपने किसी सपने के टुकने का
कभी आंखे नम न करना
मेरे तुझ से दूर रहने का
ये वक्त ही कुछ ऐसा है
मिलेगी हिम्मत !
तुझे खुद अपने से
साथ हुंगा मैं तेरे
आस-पास साये में
दिखु न , तो गम न करना
आंखें फिर कभी
यूं नम न करना
अभी ऊंच-नीच
जीवन में बहुत हैं|
अब बदलना होगा तुम्हें
आज से हर बार में
कोई यूं ही साथ नही चलता
साथ दिखते हर बार में .
अपने किसी सपने के टुकने का
कभी आंखे नम न करना
मेरे तुझ से दूर रहने का
ये वक्त ही कुछ ऐसा है
मिलेगी हिम्मत !
तुझे खुद अपने से
साथ हुंगा मैं तेरे
आस-पास साये में
दिखु न , तो गम न करना
आंखें फिर कभी
यूं नम न करना
अभी ऊंच-नीच
जीवन में बहुत हैं|
अब बदलना होगा तुम्हें
आज से हर बार में
कोई यूं ही साथ नही चलता
साथ दिखते हर बार में .
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