Thursday, 14 February 2019

काश! तुम कभी मेरे होते....

                 " काश! तुम कभी मेरे होते"
काश! तुम कभी  मेरे होते
तस्वीर में नही
हकीकत में सामने होते
तुम्हें जो सोच-सोचकर
जो वो दिन बिताये
काश! हर उस दिन में कभी
तुम मेरे साथ होते
पा तो नहीं सकता था
तुम्हें कभी ये जानता हूँ
मगर आखिर तक
तुम ही तलाश होते
तुम मिल भी जाते तब भी
हम यूं ही रहते
काश! तुम कभी मेरे होते
तस्वीर में ही नही
हकीकत में सामने होते
दिन ऐसे ही गुजरा लेते
तुझे सोच-सोचकर हम
फिर भी एक कसक सी
दिल में रहती सदा
तुम होते हुए भी मेरे
कभी दिल के पास ना होते
बस अंत तक
एक आस ही रहती
काश! तुम कभी मेरे होते
तस्वीर में ही नही
हकीकत में सामने होते
तुम्हें पाने के पल
जिंदगी मैं कम ही होते
फिर भी हकीकत में न सही
सिर्फ नाम से जुड़े
तुम मेरे होते
बार बार हर बार
दिल की ये ही फरियाद होती
काश! तुम कभी मेरे होते
 तस्वीर में ही नही
हकीकत में सामने होते
में कुछ पल के लिये
तुम्हें अपना कह लेता
उस पल भर के वक्त में
तुम्हारी निगाहों में
मैं उस वक्त
मैं अनजान ना रहता
तुम मुझे जानती, में तुम्हें जानता
बस इसी कुछ
अधूरे पल के सहारे
ताउम्र हम गुजार लेते यूं ही
बस कहने भर के लिए ही सही
काश! तुम कभी मेरे होते
तस्वीर में ही नही
हकीकत में सामने होते
काश! तुम कभी मेरे होते......




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