ये दो पल का जीना
इस प्यार को में क्या नाम दू अब
ख्वाबो में मिलना, हकीकत हैं बिछड़ना
कहे भी क्या तुम से, छुपा भी क्या पाये
सच ये ही है बस ,बिछड़ना फिर मिलना
समझ तुम भी गये हो
पता मुझको भी है
इस एक जनम को छोड़
बस मिलना हर जनम है
भटक हम रहे है
भटका सब रहे है
बता कुछ रहे नहीं
थका सब रहे है
ये सावन के झूले
बिन तेरे हम अकेले
रह भी न पाए
कुछ कह भी न पाए
माना इस मोहब्बत में
अभी सहना बहुत है
मिलना लिखा हो या ना हो
सबर रखना बहुत है
घुट घुट कर हम जी सब रहे हैं
गिन गिन कर सांसे रोज ले रहे है
कब तक यू जीना है
क्यों जग में रहना है
मिलना नही, फिर
बिछ़डना ही क्यों लिखा है
देखो जिन्दगी हम से
ये क्या कह रही है
मिला तो नहीं सकती
क्यों फिर सता रही हैं
लाख आये अड़चनें
फिर भी मिलना तुम ही से
पा न सके तो क्या
मरना तुम ही संग हैं
इस प्यार को में क्या नाम दू अब
ख्वाबो में मिलना, हकीकत हैं बिछड़ना
कहे भी क्या तुम से, छुपा भी क्या पाये
सच ये ही है बस ,बिछड़ना फिर मिलना
समझ तुम भी गये हो
पता मुझको भी है
इस एक जनम को छोड़
बस मिलना हर जनम है
भटक हम रहे है
भटका सब रहे है
बता कुछ रहे नहीं
थका सब रहे है
ये सावन के झूले
बिन तेरे हम अकेले
रह भी न पाए
कुछ कह भी न पाए
माना इस मोहब्बत में
अभी सहना बहुत है
मिलना लिखा हो या ना हो
सबर रखना बहुत है
घुट घुट कर हम जी सब रहे हैं
गिन गिन कर सांसे रोज ले रहे है
कब तक यू जीना है
क्यों जग में रहना है
मिलना नही, फिर
बिछ़डना ही क्यों लिखा है
देखो जिन्दगी हम से
ये क्या कह रही है
मिला तो नहीं सकती
क्यों फिर सता रही हैं
लाख आये अड़चनें
फिर भी मिलना तुम ही से
पा न सके तो क्या
मरना तुम ही संग हैं
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