क्यों यादें तेरी कभी
मुझे रोने नही देती
आंखें हैं भरी पर
छलकने नही देती
दर्द बहुत है
बहुत जोरों का
इसी दर्द में कई बार
बस जिए जा रहे है
कई भागते दिखे है
साये से अपने
पलट कर न देखें तो क्या
फर्क है उन में मुझमें
में तेरे इश्क़ में हूं
फिर भी सताया गया हूं
भगाया गया हूं
रूलाया गया हूं
कदम दर कदम
बस अंधेरा मिला है
न रोशनी मिली है
न सवेरा दिखा है
हारा हुं में कई बार भटका हूं
बिना तेरे कितनी
रातें जगा हुं
सपने भी खाली
तुम बिन भी में खाली
देखो मेरे पास
आखिर क्या बचा हैं
आओ मेरे पास
पास बैठों मेरे
देखो में कब से
देखो. . में सोया नही हूं.
मुझे रोने नही देती
आंखें हैं भरी पर
छलकने नही देती
दर्द बहुत है
बहुत जोरों का
इसी दर्द में कई बार
बस जिए जा रहे है
कई भागते दिखे है
साये से अपने
पलट कर न देखें तो क्या
फर्क है उन में मुझमें
में तेरे इश्क़ में हूं
फिर भी सताया गया हूं
भगाया गया हूं
रूलाया गया हूं
कदम दर कदम
बस अंधेरा मिला है
न रोशनी मिली है
न सवेरा दिखा है
हारा हुं में कई बार भटका हूं
बिना तेरे कितनी
रातें जगा हुं
सपने भी खाली
तुम बिन भी में खाली
देखो मेरे पास
आखिर क्या बचा हैं
आओ मेरे पास
पास बैठों मेरे
देखो में कब से
देखो. . में सोया नही हूं.
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